विलापगीत 4:14

वे अब सड़कों में अन्धे सरीखे मारे मारे फिरते हैं, और मानो लोहू की छींटों से यहां तक अशुठ्ठ हैं कि कोई उनके वस्त्रा नहीं छू सकता।

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12पृथ्वी का कोई राजा वा जगत का कोई बांसी इसकी कभी प्रतीति न कर सकता था, कि द्रोही और शत्रु यरूशलेम के फाटकों के भीतर घुसने पाएंगे।

13यह उसके भविष्यद्वक्ताओं के पापों और उसके याजकों के अधर्म के कामों के कारण हुआ है; क्योंकि वे उसके बीच धर्मियों की हत्या करते आए हैं।

14वे अब सड़कों में अन्धे सरीखे मारे मारे फिरते हैं, और मानो लोहू की छींटों से यहां तक अशुठ्ठ हैं कि कोई उनके वस्त्रा नहीं छू सकता।

15लोग उनको पुकारकर कहते हैं, अरे अशुठ्ठ लोगो, हट जाओ ! हट जाओ ! हम को मत छूओ ! जब वे भागकर मारे मारे फिरने लगे, तब अन्यजाति लोगों ने कहा, भविष्य में वे यहां टिकने नहीं पाएंगे।

16यहोवा ने अपने कोप से उन्हें तितर- बितर किया, वह फिर उन पर दया दृष्टि न करेगा; न तो याजकों का सन्मान हुआ, और न पुरनियों पर कुछ अनुग्रह किया गया।

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