तब तेरा कंगालपन बटमार की नाई और तेरी घटी हथियारबन्द के समान आ पड़ेगी।।
9हे आलसी, तू कब तक सोता रहेगा? तेरी नींद कब टूटेगी?
10कुछ और सो लेना, थोड़ी सी नींद, एक और झपकी, थोड़ा और छाती पर हाथों रखे लेटे रहना,
11तब तेरा कंगालपन बटमार की नाई और तेरी घटी हथियारबन्द के समान आ पड़ेगी।।
12ओछे और अनर्थकारी को देखो, वह टेढ़ी टेढ़ी बातें बकता फिरता है,
13वह नैन से सैन और पांव से इशारा, और अपनी अगुंलियों से सकेंत करता है,
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