यहोवा आकाश में से गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई।
12और उस ने अपने चारों ओर के अंधियारे को, मेघों के समूह, और आकाश की काली घटाओं को अपना मणडप बनाया।
13उसके सम्मुख की झलक तो उसके आगे आगे थी, आग के कोयले दहक उठे।
14यहोवा आकाश में से गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई।
15उस ने तीर चला चलाकर मेरे शत्रुओं को तितर बितर कर दिया, और बिजली गिरा गिराकर उसको परास्त कर दिया।
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