उसके सम्मुख की झलक तो उसके आगे आगे थी, आग के कोयले दहक उठे।
11और वह करूब पर सवार होकर उड़ा, और पवन के पंखों पर चढ़कर दिखाई दिया।
12और उस ने अपने चारों ओर के अंधियारे को, मेघों के समूह, और आकाश की काली घटाओं को अपना मणडप बनाया।
13उसके सम्मुख की झलक तो उसके आगे आगे थी, आग के कोयले दहक उठे।
14यहोवा आकाश में से गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई।
15उस ने तीर चला चलाकर मेरे शत्रुओं को तितर बितर कर दिया, और बिजली गिरा गिराकर उसको परास्त कर दिया।
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