हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें !
38विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते?
39सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने?
40हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें !
41हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं और कहेंे
42हम ने तो अपराध और बलवा किया है, और तू ने क्ष्मा नहीं किया।
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