एज्रा 3:3

तब उन्हों ने वेदी को उसके स्थान पर खड़ा किया क्योंकि उन्हें उस ओर के देशों के लोगों का भय रहा, और वे उस पर यहोवा के लिये होमबलि अर्थात् प्रतिदिन सबेरे और सांझ के होमबलि चढ़ाने लगे।

प्रसंग सहित पढ़ें · एज्रा 3

1जब सातवां महीना आया, और इस्राएली अपने अपने नगर में बस गए, तो लोग यरूशलेम में एक मन होकर इकट्ठे हुए।

2तब योसादाक के पुत्रा येशू ने अपने भाई याजकों समेत और शालतीएल के पुत्रा जरूब्बाबेल ने अपने भाइयों समेत कमर बान्धकर इस्राएल के परमेश्वर की वेदी को बनाया कि उस पर होमबलि चढ़ाएं, जैसे कि परमेश्वर के भक्त मूसा की व्यवस्था में लिखा है।

3तब उन्हों ने वेदी को उसके स्थान पर खड़ा किया क्योंकि उन्हें उस ओर के देशों के लोगों का भय रहा, और वे उस पर यहोवा के लिये होमबलि अर्थात् प्रतिदिन सबेरे और सांझ के होमबलि चढ़ाने लगे।

4और उन्हों ने झोपड़ियों के पर्व को माना, जैसे कि लिखा है, और प्रतिदिन के होमबलि एक एक दिन की गिनती और नियम के अनुसार चढ़ाए।

5और उसके बाद नित्य होमबलि और नये नये चान्द और यहोवा के पवित्रा किए हुए सब नियत पव के बलि और अपनी अपनी इच्छा से यहोवा के लिये सब स्वेच्छाबलि हर एक के लिये बलि चढ़ाए।

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