और पापबलि की चरबी को वह वेदी पर जलाए।
23तब हारून मिलापवाले तम्बू में आए, और जिस सनी के वस्त्रों को पहिने हुए उस ने पवित्रास्थान में प्रवेश किया था उन्हें उतारकर वहीं पर रख दे।
24फिर वह किसी पवित्रा स्थान में जल से स्नान कर अपने निज वस्त्रा पहिन ले, और बाहर जाकर अपने होमबलि और साधारण जनता के होमबलि को चढ़ाकर अपने और जनता के लिये प्रायश्चित्त करे।
25और पापबलि की चरबी को वह वेदी पर जलाए।
26और जो मनुष्य बकरे को अजाजेल के लिये छोड़कर आए वह भी अपने वस्त्रों को धोए, और जल से स्नान करे, और तब वह छावनी में प्रवेश करे।
27और पापबलि का बछड़ा और पापबलि का बकरा भी जिनका लोहू पवित्रास्थान में प्रायश्चित्त करने के लिये पहुंचाया जाए वे दोनों छावनी से बाहर पहुंचाए जाएं; और उनका चमड़ा, मांस, और गोबर आग में जला दिया जाए।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें