बाल्हामोन में सुलैमान की एक दाख की बारी थी; उस ने वह दाख की बारी रखवालों को सौंप दी; हर एक रखवाले को उसके फलों के लिये चान्दी के हजार हजार टुकड़े देने थे।
11बाल्हामोन में सुलैमान की एक दाख की बारी थी; उस ने वह दाख की बारी रखवालों को सौंप दी; हर एक रखवाले को उसके फलों के लिये चान्दी के हजार हजार टुकड़े देने थे।
12मेरी निज दाख की बारी मेरे ही लिये है; हे सुलैमान, हजार तुझी को और फल के रखवालों को दो सौ मिलें।।
13तू जो बारियों में रहती है, मेरे मित्रा तेरा बोल सुनना चाहते हैं; उसे मुझे भी सुनने दे।।
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