तू जीवन भर उनका कुशल और भलाई कभी न चाहना।
4इस कारण से कि जब तुम मि से निकलकर आते थे तब उन्हों ने अन्न जल लेकर मार्ग में तुम से भेंट नहीं की, और यह भी कि उन्हों ने अरम्नहरैम देश के पतोर नगरवाले बोर के पुत्रा बिलाम को तुझे शाप देने के लिये दक्षिणा दी।
5परन्तु तेरे परमेश्वर यहोवा ने तेरे निमित्त उसके शाप को आशीष से पलट दिया, इसलिये कि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से प्रेम रखता था।
6तू जीवन भर उनका कुशल और भलाई कभी न चाहना।
7किसी एदोमी से घृणा न करना, क्योंकि वह तेरा भाई है; किसी मिद्दी से भी घृणा न करना, क्योंकि उसके देश में तू परदेशी होकर रहा था।
8उनके जो परपोते उत्पन्न हों वे यहोवा की सभा में न आने पाएं।
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