उत्पत्ति 29:9

उनकी यह बातचीत हो रही थी, कि राहेल जो पशु चराया करती थी, सो अपने पिता की भेड़- बकरियों को लिये हुए आ गई।

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7उस ने कहा, देखो, अभी तो दिन बहुत है, पशुओं के इकट्ठे होने का समय नहीं : सो भेड़- बकरियों को जल पिलाकर फिर ले जाकर चराओ।

8उन्हों ने कहा, हम अभी ऐसा नहीं कर सकते, जब सब झुण्ड इकट्ठे होते हैं तब पत्थर कुएं के मुंह से लुढ़काया जाता है, और तब हम भेड़- बकरियों को पानी पिलाते हैं।

9उनकी यह बातचीत हो रही थी, कि राहेल जो पशु चराया करती थी, सो अपने पिता की भेड़- बकरियों को लिये हुए आ गई।

10अपने मामा लाबान की बेटी राहेल को, और उसकी भेड़- बकरियों को भी देखकर याकूब ने निकट जाकर कुएं के मुंह पर से पत्थर को लुढ़काकर अपने मामा लाबान की भेड़- बकरियों को पानी पिलाया।

11तब याकूब ने राहेल को चूमा, और ऊंचे स्वर से रोया।

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