एस्तेर 5:3

तब राजा ने उस से पूछा, हे एसतेर रानी, तुझे क्या चाहिये? और तू क्य मांगती है? मांग और तुझे आधा राज्य तक दिया जाएगा।

प्रसंग सहित पढ़ें · एस्तेर 5

1तीसरे दिन एस्तेर अपने राजकीय वस्त्रा पहिनकर राजभवन के भीतरी आंगन में जाकर, राजभवन के साम्हने खड़ी हो गई। राजा तो राजभवन में राजगद्दी पर भवन के द्वार के साम्हने विराजमान था;

2और जब राजा ने एस्तेर रानी को आंगन में खड़ी हुइ्रर् देखा, तब उस से प्रसन्न होकर सोने का राजदणड जो उसके हाथ में था उसकी ओर बढ़ाया। तब एस्तेर ने निकट जाकर राजदणड की लोक छुई।

3तब राजा ने उस से पूछा, हे एसतेर रानी, तुझे क्या चाहिये? और तू क्य मांगती है? मांग और तुझे आधा राज्य तक दिया जाएगा।

4एस्तेर ने कहा, यदि राजा को स्वीकार हो, तो आज हामान को साथ लेकर उस जेवनार में आए, जो मैं ने राजा के लिये तैयार की है।

5तब राजा ने आज्ञा दी कि हामान को तुरन्त ले आओ, कि एस्तेर का निमंत्राण ग्रहण किया जाए। सो राजा और हामान एस्तेर की तैयार की हुई जेवनार में आए।

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