क्योंकि याजकों और लेवियों ने एक मन होकर, अपने अपने को शुठ्ठ किया था; इसलिये वे सब के सब शुठ्ठ थे। और उन्हों ने बन्धुआई से आए हुए सब लोगों और अपने भाई याजकों के लिये और अपने अपने लिये फसह के पशु बलि किए।
19फिर पहिले महीने के चौदहवें दिन को बन्धुआई से आए हुए लोगों ने फसह माना।
20क्योंकि याजकों और लेवियों ने एक मन होकर, अपने अपने को शुठ्ठ किया था; इसलिये वे सब के सब शुठ्ठ थे। और उन्हों ने बन्धुआई से आए हुए सब लोगों और अपने भाई याजकों के लिये और अपने अपने लिये फसह के पशु बलि किए।
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