तो उस ने एक बछड़े को बेतेल, और दूसरे को दान में स्थपित किया।
29तो उस ने एक बछड़े को बेतेल, और दूसरे को दान में स्थपित किया।
30और यह बात पाप का कारण हुई; क्योंकि लोग उस एक के साम्हने दणडवत करने को दान तक जाने लगे।
31और उस ने ऊंचे स्थानों के भवन बनाए, और सब प्रकार के लोगों में से जो लेवीवंशी न थे, याजक ठहराए।
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