यशायाह 13:5

वे दूर देश से, आकाश के छोर से आए हैं, हाँ, यहोवा अपने क्रोध के हथियारों समेत सारे देश को नाश करने के लिये आया है।।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 13

3मैं ने स्वयं अपने पवित्रा किए हुओं को आज्ञा दी है, मैं ने अपने क्रोध के लिये अपने वीरों को बुलाया है जो मेरे प्रताप के कारण प्रसन्न हैं।।

4पहाड़ों पर एक बड़ी भीड़ का सा कोलाहल हो रहा है, मानो एक बड़ी फौज की हलचल हों। राज्य राजय की इकट्ठी की हुई जातियां हलचल मचा रही हैं। सेनाओं का यहोवा युद्ध के लिये अपनी सेना इकट्ठी कर रहा है।

5वे दूर देश से, आकाश के छोर से आए हैं, हाँ, यहोवा अपने क्रोध के हथियारों समेत सारे देश को नाश करने के लिये आया है।।

6हाय- हाय करो, क्योंकि यहोवा का दिन समीप है; वह सर्वशक्तिमान् की ओर से मानो सत्यानाश करने के लिये आता है।

7इस कारण सब के हाथ ढ़ीले पड़ेंगे, और हर एक मनुष्य का हृदय पिघल जाएगा,

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