जब तू किसी दूसरे की दाख की बारी में जाए, तब पेट भर मनमाने दाख खा तो खा, परन्तु अपने पात्रा में कुछ न रखना।
22परन्तु यदि तू मन्नत न माने, तो तेरा कोई पाप नहीं।
24जब तू किसी दूसरे की दाख की बारी में जाए, तब पेट भर मनमाने दाख खा तो खा, परन्तु अपने पात्रा में कुछ न रखना।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें