और मूसर की नाईं नहीं, जिस ने अपने मुंह पर परदा डाला था ताकि इस्त्राएली उस घटनेवाली वस्तु के अन्त को न देखें।
11क्योंकि जब वह जो घटता जाता था तेजोमय था, तो वह जो स्थिर रहेगा, और भी तेजोमय क्यों न होगा?
12सो ऐसी आशा रखकर हम हियाव के साथ बोलते हैं।
13और मूसर की नाईं नहीं, जिस ने अपने मुंह पर परदा डाला था ताकि इस्त्राएली उस घटनेवाली वस्तु के अन्त को न देखें।
15और आज तक जब कभी मूसा की पुस्तक पढ़ी जाती है, तो उन के हृदय पर परदा पड़ा रहता है।
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