यहेजकेल 29:5

तब मैं तुझे तेरी नदियोंकी सारी मछलियोंसमेत जंगल में निकाल दूंगा, और तू मैदान में पड़ा रहेगा? किसी भी प्रकार से तेरी सुधि न ली जाएगी। मैं ने तुझे वनपशुओं और आकाश के पझियोंका आहार कर दिया है।

प्रसंग सहित पढ़ें · यहेजकेल 29

3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरूद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिस ने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।

4मैं तेरे जबड़ों में आँकड़े डालूंगा, औरतेरी नदियों की मछलियों को तेरी खाल में चिपटाऊंगा, और तेरी खाल में चिपटी हुई तेरी नदियों की सब मछलियों समेत तुझ को तेरी नदियों में से निकालूंगा।

5तब मैं तुझे तेरी नदियोंकी सारी मछलियोंसमेत जंगल में निकाल दूंगा, और तू मैदान में पड़ा रहेगा? किसी भी प्रकार से तेरी सुधि न ली जाएगी। मैं ने तुझे वनपशुओं और आकाश के पझियोंका आहार कर दिया है।

6तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे।

7जब उन्हों ने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्हों ने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।

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