और तू गेहूं, जव, सेम, मसूर, बाजरा, और कठिया गेहूं लेकर, एक बासन में रखकर उन से रोटी बनाया करना। जितने दिन तू अपने पांजर के बल लेटा रहेगा, उतने अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन तक उसे खाया करना।
7और तू यरूशलेम के घेरने के लिये बांह उघाड़े हुए अपना मुंह उघर करके उसके विरूद्ध भविष्यद्वाणी करना।
9और तू गेहूं, जव, सेम, मसूर, बाजरा, और कठिया गेहूं लेकर, एक बासन में रखकर उन से रोटी बनाया करना। जितने दिन तू अपने पांजर के बल लेटा रहेगा, उतने अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन तक उसे खाया करना।
11पानी भी तू मापकर पिया करना, अर्थात् प्रति दिन हीन का छठवां अंश पीना; और उसको समय समय पर पीना।
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