वह अपने घर में आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
9सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
10वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
11वह अपने घर में आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
13वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
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