मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।
3हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है।
5मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।
6क्योंकि मूर्ख की हंसी हांडी के नीचे जलते हुए कांटो ही चरचराहट के समान होती है; यह भी व्यर्थ है।
7निश्चय अन्धेर से बुद्धिमान बावला हो जाता है; और घूस से बुद्धि नाश होती है।
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