इस एक बात को छोड़ जो मैं ने उन के बीच में खड़े होकर पुकारकर कहा था, कि मरे हुओं के जी उठने के विषय में आज मेरा तुम्हारे साम्हने मुक मा हो रहा है।।
19कि यदि मेरे विरोध में उन की कोई बात हो तो यहां तेरे साम्हने आकर मुझ पर दोष लगाते।
20या ये आप ही कहें, कि जब मैं महासभा के साम्हने खड़ा था, तो उन्हों ने मुझ से कौन सा अपराध पाया?
21इस एक बात को छोड़ जो मैं ने उन के बीच में खड़े होकर पुकारकर कहा था, कि मरे हुओं के जी उठने के विषय में आज मेरा तुम्हारे साम्हने मुक मा हो रहा है।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें