फिर जो कोई किसी मनुष्य को प्राण से मारे वह निश्चय मार डाला जाए।
17फिर जो कोई किसी मनुष्य को प्राण से मारे वह निश्चय मार डाला जाए।
18और जो कोई किसी घरेलू पशु को प्राण से मारे वह उसे भर दे, अर्थात् प्राणी की सन्ती प्राणी दे।
19फिर यदि कोई किसी दूसरे को चोट पहुंचाए, तो जैसा उस ने किया हो वैसा ही उसके साथ भी किया जाए,
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें