इनको छोड़ सुलैमान के तीन हज़ार तीन सौ मुखिये थे, जो काम करनेवालों के ऊपर थे।
14और उन्हें लबानोन पहाड़ पर पारी पारी करके, महीने महीने दस हज़ार भेज दिया करता था और एक महीना तो वे लबानोन पर, और दो महीने घर पर रहा करते थे; और बेगारियों के ऊपर अदोनीराम ठहराया गया।
15और सुलैमान के सत्तर हज़ार बोझ ढोनेवाले और पहाड़ पर अस्सी हज़ार वृक्ष काटनेवाले और पत्थर निकालनेवाले थे।
16इनको छोड़ सुलैमान के तीन हज़ार तीन सौ मुखिये थे, जो काम करनेवालों के ऊपर थे।
17फिर राजा की आज्ञा से बड़े बड़े अनमोल पत्थर इसलिये खोदकर निकाले गए कि भवन की नेव, गढ़े हुए पत्थरों से डाली जाए।
18और सुलैमान के कारीगरों और हीराम के कारीगरों और गबालियों ने उनको गढ़ा, और भवन के बनाने के लिये लकड़ी और पत्थ्र तैयार किए।
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