शापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
21शापित हो वह जो किसी प्रकार के पशु से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
22शापित हो वह जो अपनी बहिन, चाहे सगी हो चाहे सौतेली, उस से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
23शापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
24शापित हो वह जो किसी को छिपकर मारे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
25शापित हो वह जो निर्दोष जन के मार डालने के लिये धन ले। तब सब लोग कहें, आमीन।।
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