जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया,
7जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्रा जयजयकार करते थे?
8फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया;
9जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया,
10और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि
11यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडनेवाली लहरें यहीं थम जाएं?
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें