सो हम देखते हैं, कि वे अविश्वास के कारण प्रवेश न कर सके।।
17और वह चालीस वर्ष तक किन लोगों से रूठा रहा? क्या उन्हीं से नहीं, जिन्हों ने पाप किया, और उन की लोथें जंगल में पड़ी रहीं?
18और उस ने किन से शपथ खाई, कि तुम मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाओगे: केवल उन से जिन्हों ने आज्ञा न मानी?
19सो हम देखते हैं, कि वे अविश्वास के कारण प्रवेश न कर सके।।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें