क्योंकि उनका काम तो हारून की सन्तान की सेवा टहल करना था, अर्थात यह कि वे आंगनों और कोठरियों में, और सब पवित्रा वस्तुओं के शुठ्ठ करने में और परमेश्वर के भवन की उपासना के सब कामों में सेवा टहल करें।
26और लेवियों को निवास और उस की उपासना का सामान फिर उठाना न पड़ेगा ।
27क्योंकि दाऊद की पिछली आज्ञाओं के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के लेवीय गिने गए।
28क्योंकि उनका काम तो हारून की सन्तान की सेवा टहल करना था, अर्थात यह कि वे आंगनों और कोठरियों में, और सब पवित्रा वस्तुओं के शुठ्ठ करने में और परमेश्वर के भवन की उपासना के सब कामों में सेवा टहल करें।
30और प्रति भोर और प्रति सांझ को यहोवा का धन्यवाद और उसकी स्तुति करने के लिये खड़े रहा करें।
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