जब मैं ने तुझे पुकारा, तब तू ने मुझ से कहा, मत डर !
55हे यहोवा, गहिरे गड़हे में से मैं ने तुझ से प्रार्थना की;
56तू ने मेरी सुनी कि जो दोहाई देकर मैं चिल्लाता हूँ उस से कान न फेर ले !
57जब मैं ने तुझे पुकारा, तब तू ने मुझ से कहा, मत डर !
58हे यहोवा, तू ने मेरा मुक़ मा लड़कर मेरा प्राण बचा लिया है।
59हे यहोवा, जो अन्याय मुझ पर हुआ है उसे तू ने देखा है; तू मेरा न्याय चुका।
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