यशायाह 59:17

उस ने धर्म को झिलम की नाई पहिन लिया, और उसके सिर पर उद्धार का टोप रखा गया; उस ने पलटा लेने का वस्त्रा धारण किया, और जलजलाहट को बागे की नाई पहिन लिया है।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 59

15हां, सच्चाई खोई, और जो बुराई से भागता है सो शिकार हो जाता है।। यह देखकर यहोवा ने बुरा माना, क्योंकि न्याय जाता रहा,

16उस ने देखा कि कोई भी पुरूष नहीं, और इस से अचम्भा किया कि कोई बिनती करनेवाला नहीं; तब उस ने अपने ही भुजबल से उद्धार किया, और अपने धर्मी होने के कारण वह सम्भल गया।

17उस ने धर्म को झिलम की नाई पहिन लिया, और उसके सिर पर उद्धार का टोप रखा गया; उस ने पलटा लेने का वस्त्रा धारण किया, और जलजलाहट को बागे की नाई पहिन लिया है।

18उनके कर्मों के अनुसार वह उनको फल देगा, अपने द्रोहियों पर वह अपना क्रोध भड़काएगा और अपने शत्रुओं को उनकी कमाई देगा; वह द्वीपवासियों को भी उनकी कमाई भर देगा।

19तब पश्चिम की ओर लोग यहोवा के नाम का, और पूर्व की ओर उसकी महिमा का भय मानेंगे; क्योंकि जब शत्रु महानद की नाईं चढ़ाई करेंगे तब यहोवा का आत्मा उसके विरूद्ध झण्डा खड़ा करेगा।।

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