फिर धूप जलाने के लिये बबूल की लकड़ी की वेदी बनाना।
1फिर धूप जलाने के लिये बबूल की लकड़ी की वेदी बनाना।
2उसकी लम्बाई एक हाथ और चौड़ाई एक हाथ की हो, वह चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की हो, और उसके सींग उसी टुकडे से बनाए जाएं।
3और वेदी के ऊपरवाले पल्ले और चारों ओर की अलंगों और सींगों को चोखे सोने से मढ़ना, और इसकी चारों ओर सोने की एक बाड़ बनाना।
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