1 इतिहास 19:3

परन्तु अम्मोनियों के हाकिम हानून से कहने लगे, दाऊद ने जो तेरे पास शांति देनेवाले भेजे हैं, वह क्या तेरी समझ में तेरे पिता का आदर करने की मनसा से भेजे हैं? क्या उसके कर्मचारी इसी मनसा से तेरे पास नहीं आए, कि ढूंढ़- ढांढ़ करें और नष्ट करें, और देश का भेद लें?

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1इसके बाद अम्मोनियों का राजा नाहाश मर गया, और उसका पुत्रा उसके स्थान पर राजा हुआ।

2तब दाऊद ने यह सोचा, कि हानून के पिता नाहाश ने जो मुझ पर प्रीति दिखाई थी, इसलिये मैं भी उस पर प्रीति दिखाऊंगा। तब दाऊद ने उसके पिता के विषय शांति देने के लिये दूत भेजे। और दाऊद के कर्पचारी अम्मोनियों के देश में हानून के पास उसे शांति देने को आए।

3परन्तु अम्मोनियों के हाकिम हानून से कहने लगे, दाऊद ने जो तेरे पास शांति देनेवाले भेजे हैं, वह क्या तेरी समझ में तेरे पिता का आदर करने की मनसा से भेजे हैं? क्या उसके कर्मचारी इसी मनसा से तेरे पास नहीं आए, कि ढूंढ़- ढांढ़ करें और नष्ट करें, और देश का भेद लें?

4तब हानून ने दाऊद के कर्मचारियों को पकड़ा, और उनके बाल मुड़वाए, और आधे वस्त्रा अर्थात् नितम्ब तक कटवाकर उनको जाने दिया।

5तब कितनों ने जाकर दाऊद को बता दिया, कि उन पुरूषों के साथ कैसा बर्ताव किया गया, सो उस ने लोगों को उन से मिलने के लिये भेजा क्योंकि वे पुरूष बहुत लजाते थे। और राजा ने कहा, जब तक तुम्हारी दाढ़ियां बढ़ न जाएं, तब तक यरीहो में ठहरे रहो, और बाद को लौट आना।

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