जकर्याह 5:9

तब मैं ने आंखें उठाईं, तो क्या देखा कि दो स्त्रियें चली जाती हैं जिन के पंख पवन में फैले हुए हैं, और उनके पंख लगलग के से हैं, और वे एपा को आकाश और पृथ्वी के बीच में उड़ाए लिए जा रही हैं।

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7फिर मैं ने क्या देखा कि किक्कार भर शीशे का एक बटखरा उठाया जा रहा है, और एक स्त्री है जो एपा के बीच में बैठी है।

8और दूत ने कहा, इसका अर्थ दुष्टता है। और उस ने उस स्त्री को एपा के बीच में दबा दिया, और शीशे के उस बटखरे को लेकर उस से एपा का मुंह ढांप दिया।

9तब मैं ने आंखें उठाईं, तो क्या देखा कि दो स्त्रियें चली जाती हैं जिन के पंख पवन में फैले हुए हैं, और उनके पंख लगलग के से हैं, और वे एपा को आकाश और पृथ्वी के बीच में उड़ाए लिए जा रही हैं।

10तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, कि वे एपा को कहां लिए जाती हैं?

11उस ने कहा, शिनार देश में लिए जाती हैं कि वहां उसके लिये एक भवन बनाएं; और जब वह तैयार किया जाए, तब वह एपा वहां अपने ही पाए पर खड़ा किया जाएगा।।

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