और वे भूमि पर खड़े होकर तेरे पिषय में ऊंचे शब्द से बिलक बिलककर रोएंगे। वे अपने अपने सिर पर धूलि उड़ाकर राख में लोटेंगे;
28तेरे मांझियों की चिल्लाहट के शब्द के मारे तेरे आस पास के स्थान कांप उठेंगे।
29और सब खेनेवाले और मल्लाह, और समुद्र में जितने मांझी रहते हैं, वे अपने अपने जहाज़ पर से उतरेंगे,
30और वे भूमि पर खड़े होकर तेरे पिषय में ऊंचे शब्द से बिलक बिलककर रोएंगे। वे अपने अपने सिर पर धूलि उड़ाकर राख में लोटेंगे;
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