परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने।
24उन में यह वाद- विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है?
26परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने।
28परन्तु तुम वह हो, जो मेरी परीक्षाओं में लगातार मेरे साथ रहे।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें