फिर जब कोई स्त्री ऋतुमती रहे, तो वह सात दिन तक अशुद्ध ठहरी रहे, और जो कोई उसको छूए वह सांझ तक अशुद्ध रहे।
17और जिस किसी वस्त्रा वा चमड़े पर वह वीरर्य पड़े वह जल से धोया जाए, और सांझ तक अशुद्ध रहे।
18और जब कोई पुरूष स्त्री से प्रसंग करे, तो वे दोनो जल से स्नान करें, और सांझ तक अशुद्ध रहें।।
19फिर जब कोई स्त्री ऋतुमती रहे, तो वह सात दिन तक अशुद्ध ठहरी रहे, और जो कोई उसको छूए वह सांझ तक अशुद्ध रहे।
21और जो कोई उसके बिछौने को छूए वह अपने वस्त्रा धोकर जल से स्नान करे, और सांझ तक अशुद्ध रहे।
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