स्त्रीगमन की रीति पुरूषगमन न करना; वह तो घिनौना काम है।
20फिर अपने भाई बन्धु की स्त्री से कुकर्म करके अशुद्ध न हो जाना।
21और अपने सन्तान में से किसी को मोलेक के लिये होम करके न चढ़ाना, और न अपने परमेश्वर के नाम को अपवित्रा ठहराना; मैं यहोवा हूं।
22स्त्रीगमन की रीति पुरूषगमन न करना; वह तो घिनौना काम है।
23किसी जाति के पशु के साथ पशुगमन करके अशुद्ध न हो जाना, और न कोई स्त्री पशु के साम्हने इसलिये खड़ी हो कि उसके संग कुकर्म करे; यह तो उल्टी बात है।।
24ऐसा ऐसा कोई भी काम करके अशुद्ध न हो जाना, क्योंकि जिन जातियों को मैं तुम्हारे आगे से निकालने पर हूं वे ऐसे ऐसे काम करके अशुद्ध हो गई है;
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