और खोजों के प्रधान ने दानिरयेल से कहा, मैं अपने स्वामी राजा से डरता हूं, क्योंकि तुम्हारा खाना- पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुंह तेरे संगी के जवानों से उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के साम्हने जाखिम में डालो।
9परमेश्वर ने खोजों के प्रधान के मन में दानिरयेल के प्रति कृपा और दया भर दी।
10और खोजों के प्रधान ने दानिरयेल से कहा, मैं अपने स्वामी राजा से डरता हूं, क्योंकि तुम्हारा खाना- पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुंह तेरे संगी के जवानों से उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के साम्हने जाखिम में डालो।
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