श्रेष्‍ठगीत 6:7

तेरे कपोल तेरी लटों के नीचे अनार की फाँक से देख पड़ते हैं।

प्रसंग सहित पढ़ें · श्रेष्‍ठगीत 6

5अपनी आंखें मेरी ओर से फेर ले, क्योंकि मैं उन से घबराता हूं; तेरे बाल ऐसी बकरियों के झुण्ड के समान हैं, जो गिलाद की ढलान पर लेटी हुई देख पड़ती हों।

6तेरे दांत ऐसी भेड़ों के झुण्ड के समान हैं जिन्हें स्नान कराया गया हो, उन में प्रत्येक दो दो जुड़वा बच्चे देती हैं, जिन में से किसी का साथी नहीं मरा।

7तेरे कपोल तेरी लटों के नीचे अनार की फाँक से देख पड़ते हैं।

8वहां साठ रानियां और अस्सी रखेलियां और असंख्य कुमारियां भी हैं।

9परन्तु मेरी कबूतरी, मेरी निर्मल, अद्वैत है अपनी माता की एकलौती अपनी जननी की दुलारी है। पुत्रियों ने उसे देखा और धन्य कहा; रानियों और रखेलियों ने देखकर उसकी प्रशंसा की।

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