अय्यूब 1:5

और जब जब जेवनार के दिन पूरे हो जाते, तब तब अरयूब उन्हें बुलवाकर पवित्रा करता, और बड़ी भोर उठकर उनकी गिनती के अनुसार होमबलि चढ़ाता था; क्योंकि अरयूब सोचता था, कि कदाचित् मेरे लड़कों ने पाप करके परमेश्वर को छोड़ दिया हो। इसी रीति अरयूब सदैव किया करता था।

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3फिर उसके सात हजार भेड़- बकरियां, तीन हजार ऊंट, पांच सौ जोड़ी बैल, और पांच सौ गदहियां, और बहुत ही दास- दासियां थीं; वरन उसके इतनी सम्पत्ति थी, कि पूरबियों में वह सब से बड़ा था।

4उसके बेटे उपने अपने दिन पर एक दूसरे के घर में खाने- पीने को जाया करते थे; और अपनी तीनों बहिनों को अपने संग खाने- पीने के लिये बुलवा भेजते थे।

5और जब जब जेवनार के दिन पूरे हो जाते, तब तब अरयूब उन्हें बुलवाकर पवित्रा करता, और बड़ी भोर उठकर उनकी गिनती के अनुसार होमबलि चढ़ाता था; क्योंकि अरयूब सोचता था, कि कदाचित् मेरे लड़कों ने पाप करके परमेश्वर को छोड़ दिया हो। इसी रीति अरयूब सदैव किया करता था।

6एक दिन यहोवा परमेश्वर के पुत्रा उसके साम्हने उपस्थित हुए, और उनके बीच शैतान भी आया।

7यहोवा ने शैतान से पूछा, तू कहां से आता है? शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, कि पृथ्वी पर इधर- उधर घूमते- फिरते और डोलते- डालते आया हूँ।

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