वह व्योपारी है, और उसके हाथ में छल का तराजू है; अन्धेर करता ही उसको भाता है।
5यहोवा, सेनाओं का परमशॆवर, जिसका स्मरण यहोवा नाम से होता है।
6इसलिये तू अपने परमेश्वर की ओर फिर; कृपा और न्याय के काम करता रह, और अपने परमेश्वर की बाट निरन्तर जोहता रह।।
7वह व्योपारी है, और उसके हाथ में छल का तराजू है; अन्धेर करता ही उसको भाता है।
8एप्रैम कहता है, मैं धनी हो गया, मैं ने सम्पत्ति प्राप्त की है; मेरे किसी काम में ऐसा अधर्म नहीं पाया गया जिस से पाप लगे।
9मैं यहोवा, मि देश ही से तेरा परमेश्वर हूं; मैं फिर तुझे तम्बुओं में ऐसा बसाऊंगा जैसा नियत पर्व के दिनों में हुआ करता है।।
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