वह छतनार वृक्षों के तले नरकटों की आड़ में और कीच पर लेटा करता है
19वह ईश्वर का मुख्य कार्य है; जो उसका सिरजनहार हो उसके निकट तलवार लेकर आए !
20निश्चय पहाड़ों पर उसका चारा मिलता है, जहां और सब वनपशु कालोल करते हैं।
21वह छतनार वृक्षों के तले नरकटों की आड़ में और कीच पर लेटा करता है
22छतनार वृक्ष उस पर छाया करते हैं, वह नाले के बेंत के वृक्षों से घिरा रहता है।
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