जितनों ने तुझ से वाचा बान्धी थी, उन सभों ने तुझे सिवाने तक ढकेल दिया है; जो लोग तुझ से मेल रखते थे, वे तुझ को धोका देकर तुझ पर प्रबल हुए हैं; वे तेरी रोटी खाते हैं, वे तेरे लिये फन्दा लगाते हैं-- उस में कुछ समझ नहीं है।
6परन्तु एसाव का धन कैसे खोजकर लूटा गया है, उसका गुप्त धन कैसे पता लगा लगाकर निकाला गया है!
7जितनों ने तुझ से वाचा बान्धी थी, उन सभों ने तुझे सिवाने तक ढकेल दिया है; जो लोग तुझ से मेल रखते थे, वे तुझ को धोका देकर तुझ पर प्रबल हुए हैं; वे तेरी रोटी खाते हैं, वे तेरे लिये फन्दा लगाते हैं-- उस में कुछ समझ नहीं है।
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