2 इतिहास 17:4

वरन वह अपने पिता के परमेश्वर की खोज में लगा रहता था और उसी की आज्ञाओं पर चलता था, और इस्राएल के से काम नहीं करता था।

प्रसंग सहित पढ़ें · 2 इतिहास 17

2और उस ने यहूदा के सब गढ़वाले नगरों में सिपाहियों के दल ठहरा दिए, और यहूदा के देश में और एप्रैम के उन नगरों में भी जो उसके पिता आसा ने ले लिये थे, सिपाहियों की चौकियां बैठा दीं।

3और यहोवा यहोशापात के संग रहा, क्योंकि वह अपने मूलपुरूष दाऊद की प्राचीन चाल सी चाल चला और बाल देवताओं की खोज में न लगा।

4वरन वह अपने पिता के परमेश्वर की खोज में लगा रहता था और उसी की आज्ञाओं पर चलता था, और इस्राएल के से काम नहीं करता था।

5इस कारए यहोवा ने रज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन और उसका विभव बढ़ गया।

6और यहोवा के माग पर चलते चलते उसका मन मगन हो गया; फिर उस ने यहूदा से ऊंचे स्थान और अशेरा नाम मूरतें दूर कर दीं।

2 इतिहास 17 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ