मीका 3:5

यहोवा का यह वचन है कि जो भविष्यद्वक्ता मेरी प्रजा को भटका देते हैं, और जब उन्हें खाने को मिलता है तब शान्ति, शान्ति, पुकारते हैं, और यदि कोई उनके मुंह में कुछ न दे, तो उसके विरूद्ध युद्ध करते को तैयार हो जाते हैं।

प्रसंग सहित पढ़ें · मीका 3

3वरन तुम मेरे लोगों का मांस खा भी लेते, और उनकी खाल उधेड़ते हो; तुम उनकी हडि्डयों को हांड़ी में पकाने के लिये टुकड़े टुकड़े करते हो।

4वे उस समय यहोवा की दोहाई देंगे, परन्तु वह उनकी न सुनेगा, वरन उस समय वह उनके बुरे कामों के कारण उन से मुंह फेल लेगा।।

5यहोवा का यह वचन है कि जो भविष्यद्वक्ता मेरी प्रजा को भटका देते हैं, और जब उन्हें खाने को मिलता है तब शान्ति, शान्ति, पुकारते हैं, और यदि कोई उनके मुंह में कुछ न दे, तो उसके विरूद्ध युद्ध करते को तैयार हो जाते हैं।

6इस कारण तुम पर ऐसी रात आएगी, कि तुम को दर्शन न मिलेगा, और तुम ऐसे अन्धकार में पड़ोगे कि भावी न कह सकोगे। भविष्यद्वक्ताओं के लिये सूर्य अस्त होगा, और दिन रहते उन पर अन्धियारा छा जाएगा।

7दर्शी लज्जित होंगे, और भावी कहनेवालों के मुंह काले होंगे; और वे सब के सब अपने ओठों को इसलिये ढांपेंगे कि परमेश्वर की ओर से उत्तर नहीं मिलता।

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