उन्हों ने मनभावने देश को निकम्मा जाना, और उसके वचन की प्रतीति न की।
22उस ने तो हाम के देश में आश्चर्यकर्म और लाल समुद्र के तीर पर भयंकर काम किए थे।
24उन्हों ने मनभावने देश को निकम्मा जाना, और उसके वचन की प्रतीति न की।
25वे अपने तम्बुओं में कुड़कुड़ाए, और यहोवा का कहा न माना।
26तब उस ने उनके विषय में शपथ खाई कि मैं इनको जंगल में नाश करूंगा,
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