उस ने धनुष चढ़ाकर मुझे अपने तीर का निशाना बनाया है।
10वह मेरे लिये घात में बैठे हुए रीछ और घात लगाए हुए सिंह के समान है;
11उस ने मुझे मेरे माग से भुला दिया, और मुझे फाड़ डाला; उस ने मुझ को उजाड़ दिया है।
12उस ने धनुष चढ़ाकर मुझे अपने तीर का निशाना बनाया है।
13उस ने अपनी तीरों से मेरे हृदय को बेध दिया है;
14सब लोग मुझ पर हंसते हैं और दिन भर मुझ पर ढालकर गाीत गाते हैं,
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