इस पर छेपुरूष, उत्तर की ओर ऊपरी फाटक के मार्ग से अपने अपने हाथ में घात करने का हथियार लिए हुए आए; और उनके बीच सन का वस्त्रा पहिने, कमर में लिखने की दवात बान्धे हुए एक और पुरूष था; और वे सब भवन के भीतर जाकर पीतल की वेदी के पास खड़े हुए।
2इस पर छेपुरूष, उत्तर की ओर ऊपरी फाटक के मार्ग से अपने अपने हाथ में घात करने का हथियार लिए हुए आए; और उनके बीच सन का वस्त्रा पहिने, कमर में लिखने की दवात बान्धे हुए एक और पुरूष था; और वे सब भवन के भीतर जाकर पीतल की वेदी के पास खड़े हुए।
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