भूमि फट कर दातान को निगल गई, और अबीराम के झुण्ड को ग्रस लिया।
15तब उस ने उन्हें मुंह मांगा वर तो दिया, परन्तु उनके प्राण को सुखा दिया।।
16उन्हों ने छावनी में मूसा के, और यहोवा के पवित्रा जन हारून के विषय में डाह की,
17भूमि फट कर दातान को निगल गई, और अबीराम के झुण्ड को ग्रस लिया।
18और उनके झुण्ड में आग भड़क उठी; और दुष्ट लोग लौ से भस्म हो गए।।
19उन्हों ने होरब में बछड़ा बनाया, और ढली हुई मूत्ति को दण्डवत् की।
इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें