यशायाह 27:12

उस समय यहोवा महानद से लेकर मि के नाले तक अपने अन्न को फटकेगा, और हे इस्राएलियों तुम एक एक करके इकट्ठे किए जाओगे।

प्रसंग सहित पढ़ें · यशायाह 27

10क्योंकि गढ़वाला नगर निर्जन हुआ है, वह छोड़ी हुई बस्ती के समान निर्जन और जंगल हो गया है; वहां बछड़े चरेंगे और वहीं बैठेंगे, और पेड़ों की डालियों की फुनगी को खो लेंगे।

11जब उसकी शाखाएं सूख जाएं तब तोड़ी जाएंगी; और स्त्रियां आकर उनको तोड़कर जला देंगी। क्योंकि ये लोग निर्बुद्धि हैं; इसलिये उनका कर्ता उन पर दया न करेगा, और उनका रचनेवाला उन पर अनुग्रह न करेगा।।

12उस समय यहोवा महानद से लेकर मि के नाले तक अपने अन्न को फटकेगा, और हे इस्राएलियों तुम एक एक करके इकट्ठे किए जाओगे।

13उस समय बड़ा नरसिंगाा फूंका जाएगा, और जो अश्शूर देश में नाश हो रहे थे और जो मि देश में बरबस बसाए हुए थे वे यरूशलेम में आकर पवित्रा पर्वत पर यहोवा को दण्डवत् करेंगे।।

यशायाह 27 पूरा पढ़ें

इस पद को अन्य भाषाओं में भी पढ़ें

KJV தமிழ் తెలుగు ಕನ್ನಡ