तब योआब और जो लोग उसके साथ थे, अरामियों से युठ्ठ करने को उनके साम्हने गए, और वे उसके साम्हने से भागे।
12और उस ने कहा, यदि अरामी मुझ पर प्रबल होने लगें, तो तू मेरी सहायता करना; और यदि अम्मोनी तुझ पर प्रबल होने लगें, तो मैं तेरी सहायता करूंगा।
13तू हियाब बान्ध और हम सब अपने लोगों और अपने परमेश्वर के नगरों के निमित्त पुरूषार्थ करें; और यहोवा जैसा उसको अच्छा लगे, वैसा ही करेगा।
14तब योआब और जो लोग उसके साथ थे, अरामियों से युठ्ठ करने को उनके साम्हने गए, और वे उसके साम्हने से भागे।
15यह देखकर कि अरामी भाग गए हैं, अम्मोनी भी उसके भाई अबीशै के साम्हने से भागकर नगर के भीतर घुसे। तब योआब यरूशलेम को लौट आया।
16फिर यह देखकर कि वे इस्राएलियों से हार गए हैं अरामियों ने दूत भेजकर महानद के पार के अरामियों को बुलवाया, और हदरेजेर के सेनापति शोपक को अपना प्रधान बनाया।
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